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हिंदी धारावाहिकों के भीष्म पितामह जिन्हें शर शय्या पर इंतजार गवारा नहीं था – Ameta

लेखन की दुनिया में मनोहर श्याम जोशी के कई रूप हैं और कई चेहरे भी. वे ऐसी विलक्षण शख़्सियत थे जिसकी प्रतिभा साहित्य से...

हमारे ‘गुरुदेव’ को कोरिया के लोग भी कुछ ऐसा ही दर्जा क्यों देते हैं?

सात मई, 2011 दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल के लिए एक ऐतिहासिक तारीख थी. इस दिन हम भारतीयों के ‘गुरुदेव’ रबींद्रनाथ टैगोर का 150वां...

नई पीढ़ियां जिस राम को जानेंगी वह तुलसी का राम होगा, कबीर का? या फिर ठेठ राजनीतिक राम?

‘राम’ भारतीय परंपरा में एक प्यारा नाम है. वह ब्रह्मवादियों का ब्रह्म है. निर्गुणवादी संतों का आत्मराम है. ईश्वरवादियों का ईश्वर है. अवतारवादियों का...

जब रबींद्रनाथ टैगोर ने राखी के जरिये बंगाल के हिंदुओं और मुसलमानों को एकजुट कर दिया था

कोलकाता में दुनिया दूसरी तरह से चलती है. नवरात्रि में बाकी देश उपवास करता है. कोलकाता में लोगों के लिए दुर्गा पूजा का मतलब...

कविता आत्म की अभिव्यक्ति से अधिक आत्म की रचना भी हो सकती है

कविता की उलझनें एक अंग्रेजी आलोचक गाब्रियल जासीपोवीची ने वर्डसवर्थ की एक कविता के बारे में कहा है कि उसमें काव्य-दृष्टि नैतिकता से क्षरित होती...

हिंदुस्तान के सर्वहारा का दर्द बयान करने वाला सबसे बड़ा शायर – Ameta

हर दौर में जवानी क्रांतिकारी होती है और जिनको जवानी का अहसास होता है, वे बड़ा कर पाने का माद्दा रखते हैं. आज से...

क्यों प्रशांत भूषण पर सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई कई पूर्व जजों को भी सही नहीं लगती है

किस्सा 1987 का है. पीटर राइट की आत्मकथा ‘स्पाइकैचर: द कैंडिड ऑटोबायोग्राफी ऑफ अ सीनियर इंटेलिजेंस ऑफिसर’ ने छपते ही धूम मचा दी थी....

इस्लामी सभ्यता पर मुंशी प्रेमचंद का वह लेख जिसे हर हिंदुस्तानी को पढ़ना चाहिए

हिंदू और मुसलमान दोनों एक हज़ार वर्षों से हिंदुस्तान में रहते चले आये हैं. लेकिन अभी तक एक-दूसरे को समझ नहीं सके. हिंदू के...

मोहम्मद रफी ने सिर्फ महबूब या खुदा को रिझाने-मनाने वाले गाने ही नहीं गाए हैं

मोहम्मद रफ़ी भले ही अपने रूमानी गीतों के लिए जाने जाते हों लेकिन उन्होंने कुछ ऐसे गाने भी गाए हैं जो आमतौर पर नायकों...

‘हज करने के बाद मैंने फिल्म लाइन छोड़कर अल्लाह–अल्लाह करने का इरादा कर लिया था’

मेरा घराना मजहबपरस्त था. गाने-बजाने को अच्छा नहीं समझा जाता था. मेरे वालिद हाजी अली मोहम्मद साहब निहायत दीनी इंसान थे. उनका ज्यादा वक्त...

उधम सिंह और भगत सिंह में हैरान कर देने वाली समानताएं थीं

13 मार्च 1940 की उस शाम लंदन का कैक्सटन हॉल लोगों से खचाखच भरा हुआ था. मौका था ईस्ट इंडिया एसोसिएशन और रॉयल सेंट्रल...
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केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के एक आला अधिकारी का कहना है कि देश में कोविड-19 पर नियंत्रण के बाद घरेलू पर्यटन पटरी पर लौट रहा...

42 प्रतिशत लड़कियां दिन में एक घंटे से भी कम करती हैं मोबाइल का इस्तेमाल

 लगभग 42 प्रतिशत किशोरियों को एक दिन में एक घंटे से भी कम समय के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति मिलती...

इटावा लॉयन सफारी को पर्यटकोंं के लिए खोलने की तैयारी

उत्तर प्रदेश में इटावा के बीहडो में स्थित विश्व प्रसिद्ध लॉयन सफारी को पर्यटकोंं के लिए खोलने की तैयारियां शुरू कर दी गई है और सब...

क्या आप भी इन चीजों को फ्रिज में रखने की करते हैं गलती? सेहत को हो सकता है बड़ा नुकसान

Foods You Should Not Refrigerate : आमतौर पर फल और सब्जियों को लंबे समय तक फ्रेश बनाएं रखने के लिए उन्हें फ्रिज में रख...