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धोनी की हिंदी में हर बात समझता था लेकिन दिखाता ऐसे कि कुछ समझ नहीं आया: मोंटी पनेसर

अमित कुमार, नई दिल्ली
स्टंप पर नजर डाले बिना अपने अंडर आर्म फ्लिक के अलावा विपक्षी टीम के सामने से जीत छीन लेना, स्टंप के पीछे से युवाओं को निर्देश देना.. महेंद्र सिंह धोनी हमेशा ही यह करते नजर आए हैं। इसी वजह से कई युवा गेंदबाज कहते भी हैं- ‘जब परेशानी होती है, तो माही भाई की तरफ देखो।’ इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने भारत के खिलाफ चार टेस्ट सीरीज़ खेलीं और धोनी उन सभी सीरीज का हिस्सा थे। धोनी ने इसी महीने 15 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

इंग्लैंड के खिलाड़ी धोनी की रणनीतियों से अनजान थे, लेकिन मोंटी हर एक शब्द को समझ सकते थे जो धोनी गेंदबाजों को निर्देश के तौर पर हिंदी में कहते थे। मोंटी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से खास बातचीत में बताया कि जब धोनी गेंदबाजों को हिंदी में निर्देश देते थे, तो वह शांति से सुनते थे लेकिन ऐसे दिखाते थे कि उन्हें कुछ समझ नहीं आया।

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मोंटी पनेसर ने कहा, ‘धोनी एक बेहद शांत व्यक्ति हैं। वह ज्यादा नहीं बोलते थे। मुझे लगता है कि वह बिना शब्दों के भी अच्छे से अपनी बात समझा सकते हैं। वह हर चीज को अच्छे से पढ़ते हैं। तुम जाओ और कुछ कहो, वह जवाब नहीं देंगे, लेकिन तैयार होकर जब वह बल्लेबाजी के लिए आएंगे या आपके लिए एक फील्ड निर्धारित करेंगे तो अलग ही बात होती थी।’

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उन्होंने कहा, ‘मुझे गेंदबाजों को उनके निर्देश और बातें बताना अच्छे से याद हैं, खास तौर से स्पिनरों के लिए जब वह स्टंप्स के पीछे से कुछ बोलते थे। जैसे- अभी थोडी वाइड बॉल डोलो। थोडा स्टंप पे राखो। यह बल्लेबाज क्रॉस लाइन खेलने वाला वाला है, सीधा डालो। ये डीप मिड-विकेट पर चौका मारेगा, थोडा वाइड रखना।’

इंग्लैंड के इस पूर्व स्पिनर ने कहा, ‘मैं हिंदी और पंजाबी बोल सकता हूं। धोनी सोचते थे कि मुझे समझ नहीं आया है। मैंने सब कुछ सुना, लेकिन मैंने भी धोनी की तरह ही काम किया, जैसे कि मैंने कुछ भी नहीं सुना। मैंने सुना और (तब) ऐसे दिखाया जैसे मैंने कुछ सुना ही नहीं लेकिन मैं सब कुछ जानता था।’

monty panesar

विकेट लेने के बाद पनेसर (file)

मोंटी के पिता 1979 में पंजाब से इंग्लैंड के ल्यूटन चले गए थे। उन्होंने कहा, ‘मेरा विश्वास करिए, उन्होंने (धोनी) कई बार ऐसा किया है और विकेट हासिल किए हैं। मुझे भी धोनी काफी पसंद हैं और मुझे गर्व है कि मैं उनके खिलाफ खेला।’

बाएं हाथ के इस स्पिनर ने इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट और 26 वनडे खेले। मोंटी ने भारत के खिलाफ नागपुर में पदार्पण किया। उन्होंने 2007 की सीरीज (होम), 2008 सीरीज (अवे) और 2012 सीरीज (अवे) भी खेली। धोनी को इंग्लैंड के खिलाफ 2006 (होम) और 2007 (अवे) सीरीज में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में प्लेइंग-XI में शामिल किया गया था। उन्होंने 2008 और 2012 की सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की कप्तानी की।


अपने पसंदीदा धोनी क्षण के बारे में बोलते हुए मोंटी ने कहा, ‘धोनी के साथ मेरा पसंदीदा क्षण मुंबई में था जब मैंने उनका कैच मिस किया। यह मेरे दाईं ओर 10 मीटर था जो हवा में शॉट गया। मैंने इसे पूरी तरह से गलत समझा और फिर दो गेंदों के बाद मैंने उनका कैच लपका। यही आपके लिए क्रिकेट है। एक मिनट तुम जीरो हो, अगले मिनट तुम एक हीरो हो। वह (धोनी) हमेशा देश के लिए हीरो रहेंगे।’

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