Home News Randeep Hooda Birthday: हरियाणा के स्‍कूल में रणदीप हुड्डा ने एक बात...

Randeep Hooda Birthday: हरियाणा के स्‍कूल में रणदीप हुड्डा ने एक बात कही थी, चाहें तो रट्टा मार लीजिए

भारतीय सिनेमा उस दौर से गुजर रहा है, जिसमें इनसाइडर-आउटसाइडर की बहस चल रही है। गैंगबाजी का शोर है। यह वह दौर है जहां हर उस शख्‍स को गहरा धक्‍का पहुंचा है, जिसकी जिंदगी में सिनेमा अहम मायने रखता है। हम सभी सिनेमा और सिने कलाकारों को देखते और उन जैसा बनने की कोश‍िश करते हैं। लेकिन क्‍या वाकई बॉलिवुड में टैलेंट से ज्‍यादा नेपोटिज्‍म काम आता है? सारे सवाल एक तरफ हैं और दूसरी ऐसे कलाकारों की फेहरिस्‍त है, जिन्‍होंने अपनी कला और मेहनत के बूते मुकाम बनाया है। रणदीप हुड्डा बॉलिवुड के ऐसे ही एक सितारें हैं, जिनकी तारीफ हॉलिवुड में भी होती है।

रोहतक में 20 अगस्‍त 1976 में पैदा हुए रणदीप

-20-1976-

हरियाणा के रोहतक में 20 अगस्‍त 1976 को पैदा हुए रणदीप गुरुवार को अपना 44वां जन्‍मदिन मना रहे हैं। सिनेमाई पर्दे पर उनका अपना जादू है। एक फ्रेम में ‘हाईवे’ का ट्रक डाइवर है, तो दूसरे फ्रेम में ‘किक’ जैसी फिल्‍म का स्‍टाइलिश हीरो। यही कहीं बीच में ‘सरबजीत’ भी है। कौन कहेगा कि ये तीनों एक ही हैं। बोली, चाल, अंदाज, हावभाव… रणदीप रोल के हिसाब से कैरेक्‍टर में ऐसे रम जाते हैं, जैसे पानी में शक्‍कर।

खर्च न‍िकालने के ल‍िए वेटर-ड्राइवर बने

रणदीप हुड्डा ने छोटे शहर से मायानगरी का सफर तय किया है। सोनीपत के बोर्डिंग स्कूल से पढ़ाई की। स्‍कूल के दिनों में ही ऐक्‍टिंग और प्रोडक्‍शन में मन लगा तो सपनों ने पंख पसारे। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न से पढ़ाई की। ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली। ऑस्‍ट्रेलिया में खर्च निकालने के लिए कभी वेटर तो कभी ट्रक ड्राइवर बने। लेकिन इन सब के बीच सपनों का पीछा करना नहीं छोड़ा।

तब झज्‍जर के एक स्‍कूल गए थे रणदीप

किसी भी इंसान के लिए सपने देखना बहुत अहम है। सपने हमें उन्‍हें पूरा करने की जिद देते हैं। रणदीप सिर्फ एक अच्‍छे ऐक्‍टर ही नहीं, बेहतरीन इंसान भी हैं। जमीन से जुड़े हुए। यारों के यार। एक बुद्ध‍िजीवी भी हैं, जिनकी हर चीज को लेकर अपनी राय है। जानवरों के हित के लिए वह सिस्‍टम से लड़ते रहते हैं। बेजुबानों पर अन्‍याय के लिए लगातार आवाज उठाते हैं। जन्‍मदिन पर रणदीप के बारे में खोजते-पढ़ते हमारे हाथ एक वीडियो लगा। वह हरियाणा के झज्‍जर में वह एक स्‍कूल पहुंचे थे। वहां रणदीप ने एक बात कही थी, जो हम सभी को सुननी और समझनी चाह‍िए।

वीडियो- अंग्रेजी स्‍कूल में छा गया रणदीप का देसी अंदाज

बच्‍चों के साथ ही पैरेंट्स को दी नसीहत

रणदीप को स्‍कूल में बच्‍चों और वहां बैठे पैरेंट्स से बात करने का मौका मिला था। अपनी स्‍पीच में रणदी कहते हैं, ‘पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब। यह बात अब पुरानी हो चुकी है। समय बदल गया है। यदि आपको लगता है या आपके बच्‍चे को लगता है कि वह किसी फील्‍ड में अच्‍छा कर सकता है तो उसे रोकिए मत, मोटिवेट कीजिए।’

‘बच्‍चों के सपनों को नरजअंदाज मत कीजिए’

रणदीप कहते हैं कि यदि आपके बच्‍चे ने कोई सपना देखा है, तो उसे नजरअंदाज मत कीजिए। उन्‍हें उसे पूरा करने की हिम्‍मत दीजिए। सिर्फ लगन और मेहनत के बूते आप अपनी रुचि के किसी भी क्षेत्र में नाम कमा सकते हैं। सफल हो सकते हैं।

दिल की करो और जी भरकर करो

रणदीप कहते हैं, ‘सबसे पहले, कृपा कर अपने बच्चे को भीतर से न मारें। और दूसरी बात, यदि वे किसी चीज में इंटरेस्‍ट रखते हैं, भले ही आप एक स्टांप कलेक्टर हों, भले ही आप फूलों का गुलदस्ता बना रहे हों… यदि आप फूलों का सबसे अच्छा गुलदस्ता बनाते हैं, तो हमेशा लेने वाले रहेंगे और आप सफल होंगे।’

मॉनसून वेडिंग से क‍िया था डेब्‍यू

रणदीप हुड्डा का करियर भी सपनों का पीछा करने की ललक है। उन्‍होंने ह्यूमन रिसोर्स की डिग्री ली। लेकिन मन तो रंगमंच में था। लिहाजा, मॉडलिंग और थिएटर से करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने डायरेक्टर मीरा नायर की फिल्म ‘मॉनसून वेडिंग’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। इस फिल्म में रणदीप की खूब तारीफ भी हुई।

कैरेक्‍टर में ढलने का हुनर जानते हैं रणदीप

इसके बाद ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई’, ‘साहिब बीवी और गैंगस्टर’, ‘सरबजीत’, ‘हाईवे’, ‘किक’ और ‘सुल्तान’ जैसी फिल्‍मों से रणदीप हुड्डा अपनी ऐक्‍ट‍िंग का दम दिखाया। सरबजीत के लिए उन्‍होंने अपना 18 किलों वजन कम किया था। यह सब मेकअप के बूते भी हो सकता था, लेकिन रणदीप का मानना है कि मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं होता।

वाइल्‍ड लाइफ फोटोग्राफी के भी हैं शौकीन

रणदीप हुड्डा की एक और खास बात यह है कि वह बहुत ही अच्‍छे फोटोग्राफर भी हैं। खासकर वाइल्‍ड लाइफ फोटोग्राफी में उनका मन लगता है। रणदीप को जानवरों से बहुत प्‍यार है। खासकर घोड़ों और कुत्तों से उन्‍हें गहरा लगाव है। आशा यही है कि रणदीप यूं ही अपने सपनों की उड़ान उड़ते रहेंगे और हमारा मनोरंजन करते रहेंगे।

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कोरोनाः पढ़ाई में पिछड़ते बच्चे

ऐनुअल स्टेट ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट यानी असर का ताजा सर्वे मौजूदा स्कूली शिक्षा की बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश करता है। यह सर्वे पिछले महीने...

सेना में थिएटर कमान

भारतीय सेना को पांच थिएटर कमानों में पुनर्गठित करने की प्रक्रिया शुरू करने का जो फैसला किया गया है, उसके पीछे कुछ भूमिका मौजूदा...

दूरी बढ़ाने से मिल सकती है कोरोना वायरस के खिलाफ दुगुनी सुरक्षा: अध्ययन

वैज्ञानिकों ने कहा है कि साधारण कपड़े का मास्क भी महत्वपूर्ण सुरक्षा उपलब्ध कराता है और यह कोविड-19 के प्रसार में कमी ला सकता...

Covid-19: विशेषज्ञों ने चेताया, कोविड-19 टीकों का पहला सेट ‘त्रुटिपूर्ण हो सकता है

ब्रिटेन सरकार के टीका कार्यबल ने आगाह किया है कि कोविड-19 टीकों का पहला सेट 'त्रुटिपूर्ण हो सकता है और हो सकता है कि...

Recent Comments