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धोनी के लिए हासिल करने के लिए बचा ही क्या था, संन्यास से एक युग का अंत हुआ: श्रीनिवासन

चेन्नै
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीबाई) के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने मंगलवार को कहा कि दो बार के विश्व कप विजेता कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हासिल करने लिए कुछ नहीं बचा था। उनके संन्यास से एक ‘युग का अंत’ हो गया। धोनी क्रिकेट जगत में इकलौते कप्तान है जिन्होंने आईसीसी की सभी ट्रोफियां जीती है। उन्होंने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

वह हालांकि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में चेन्नै सुपर किंग्स का नेतृत्व करना जारी रखेंगे, जिसने उनकी कप्तानी में तीन बार इस खिताब को हासिल किया है। श्रीनिवासन ने कहा, ‘जब धोनी कहते हैं कि वह संन्यास ले रहे हैं तो यह एक युग के खत्म होने जैसा है। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 में टी20 विश्व कप जीता, 2011 में विश्व कप हासिल किया। इसके अलाव चैम्पियंस ट्रोफी की सफलता भी है। वह एक उत्कृष्ट कप्तान, एक शानदार विकेटकीपर, एक आक्रामक बल्लेबाज रहे है।’

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उन्होंने कहा- एक ऐसा खिलाड़ी जिसने पूरी टीम को प्रेरित किया।’ उन्होंने कहा, ‘उसके लिए हासिल करने के लिए और क्या बचा था? हर खेलप्रेमी जानता है कि किसी समय वह संन्यास की घोषणा करेंगे। मुझे दुख है कि वह फिर से भारत के लिए मैदान में नहीं उतरेंगे, लेकिन इस बात की खुशी है कि वह चेन्नै सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए खेलना जारी रखेंगे।

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श्रीनिवासन ने कहा, ‘वह क्रिकेट के मैदान में दिखेंगे। सीएसके अब वैश्विक ब्रांड है। लोग इस बात को लेकर खुश होंगे कि वह उनके कौशल को मैदान पर देख सकेंगे।’ श्रीनिवासन ‘इंडिया सीमेंट्स’ के प्रमुख हैं, जिनके पास 2008 से 2014 तक सीएसके का स्वामित्व था। जब उनसे पूछा गया कि धोनी कब तब खेलेंगे तो उन्होंने कहा, ‘मैं चाहूंगा कि वह हमेशा खेलें।’

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