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कार की टक्कर ने बदल डाली Shakti Kapoor की जिंदगी, इस वजह से फिरोज खान ने ‘कुर्बानी’ के लिए किया था साइन

कार की टक्कर ने बदल डाली Shakti Kapoor की जिंदगी, इस वजह से फिरोज खान ने 'कुर्बानी' के लिए किया था साइन

शक्ति कपूर (Shakti kapoor) ने Qurbani को लेकर खोला यह राज

खास बातें

  • फिरोज खान की फिल्म है ‘कुर्बानी’
  • शक्ति कपूर ने निभाया था विलेन का रोल
  • यूं मिला था शक्ति कपूर को काम

नई दिल्ली:

फिरोज खान के डायरेशन में बनी फिल्म ‘कुर्बानी (Qurbani)’ को 40 साल पूरे हो रहे हैं. ‘कुर्बानी’ में वह सब कुछ है जिसकी फिल्म दीवाने अच्छी फिल्म से उम्मीद रखते हैं-नामी कलाकार, म्यूजिक का मैजिक और पकड़ बनाए रखने वाली कहानी. इस फिल्म के लीड रोल्स किए हैं फिरोज खान, विनोद खन्ना और जीनत अमान ने. साथ में बेहतरीन परफॉर्मेंसेस वाले कलाकार हैं : अमजद खान, अमरीश पुरी, अरुणा ईरानी, कादर खान, जगदीप और शक्ति कपूर (Shakti Kapoor) जो उस वक्त युवा थे. शक्ति कपूर के लिए तो यह फिल्म हमेशा ही स्पेशल बनी रहेगी. इसमें शक्ति कपूर (Shakti Kapoor) ने विक्रम सिंह का रोल किया है.

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‘कुर्बानी (Qurbani)’ के सोनी मैक्स 2 पर रिलीज के मौके पर उन्होंने इस फिल्म के प्रति आभार जताया है जिसका उन्हें सफल एक्टर बनाने में बड़ा योगदान रहा है. शक्ति कपूर (Shakti Kapoor) ने ‘कुर्बानी (Qurbani)’ को लेकर बताया, ‘मुझे आज भी याद है, अपनी स्ट्रगल के दिनों में मैं अपनी 1961 मॉडल की फिएट कार ड्राइव करता हुआ लिकिंग रोड, बांद्रा पर चला जा रहा था. तभी एक मर्सीडीज गाड़ी ने मुझे ओवरटेक करने की कोशिश में मेरी गाड़ी को थोड़ा डैमेज कर दिया. मैं गुस्से से नीचे उतरा और उसके ड्राइवर पर नाराज होने को ही था लेकिन तुरंत ही मुझे इस बात का अहसास हुआ कि जिस पर मैं चिल्लाने को था वह तो नामी एक्टर फिरोज खान हैं! उन्हें देखते ही मेरा सारा गुस्सा काफूर हो गया. उन पर चिल्लाने की जगह मैं उनसे फिल्म में ब्रेक देने की रिक्वेस्ट कर बैठा क्योंकि वे नए ऐक्टर्स की मदद करने और उनके साथ इज्जत से पेश आने के लिए मशहूर थे.’

शक्ति कपूर (Shakti Kapoor) आगे बताते हैं, ‘इस वाकये के बाद मेरी लेखक के के शुक्ला जी के साथ मीटिंग हुई. उन्होंने बताया कि फिल्म में एक नेगेटिव रोल है जिसके लिए उन्होंने मेरा नाम सुझाया है लेकिन फिरोज खान साहब किसी नए लड़के को लेना चाहते हैं जो उन्हें बांद्रा में टकरा गया था. सुनकर मेरी बांछें खिल गईं. मैंने शुक्ला जी को बताया कि वह लड़का मैं ही हूं! इसके बाद तो मुझे पीछे मुड़ कर देखने की जरूरत नहीं रही. फिरोज सर ने मेरे ऊपर जो भरोसा किया, जिस तरह मुझे गाइड किया और दर्शकों से मुझे जो प्यार मिला, सभी कुछ के लिए मैं सदा आभारी रहूंगा. लोग आज भी कहते हैं कि ‘कुर्बानी’ में मेरा काम मेरे सबसे अच्छे कामों में से है. मैं अपने सभी चाहने वालों से यही कहूंगा कि इस हफ्ते जब यह फिल्म टी. वी. पर दिखाई जाय तो इसे जरूर देखें. यह फिल्म अपने समय से आगे की फिल्म थी. इसके सभी कलाकारों ने लाज़वाब एक्टिंग की है. इसका म्यूजिक माइंड ब्लोइंग है, आइकॉनिक लोकेशंस पर यादगार सीन्स को शूट किया गया है. सिनेमा से प्यार करने और उसे रस्पेक्ट देने वालों को यह सब बहुत इंप्रेस करेगा.’

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