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₹10 लाख का प्लान और केवल 128kbps स्पीड, 25 साल पहले जब भारत आया इंटरनेट

नई दिल्ली
इंटरनेट के बिना आज दुनिया और वर्चुअल वर्ल्ड की कल्पना भी नहीं की जा सकती और भारत में बड़ी आबादी मोबाइल नेटवर्क्स के जरिए इससे जुड़ चुकी है। आज 1000 रुपये से कम कीमत वाले ब्रॉडबैंड प्लान तो 100Mbps तक की स्पीड ऑफर कर रहे हैं लेकिन हमेशा हालात ऐसे नहीं थे। साल 1995 में जब पहली बार इंटरनेट ने भारत में कदम रखा तो प्लान हद से ज्यादा महंगे थे और कनेक्शन स्पीड हद से ज्यादा कम। इस बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

विदेश संचार निगम लिमिटेड यानी कि वीएसएनएल सबसे पहले 1 मई, 1995 को भारत में इंटरनेट लेकर आया था। भारत इस दशक की शुरुआत में ग्लोबल इकॉनमी से जुड़ा था और इसी दिशा में अगला कदम वीएसएनएल की ओर से उठाया गया था। करीब 3 करोड़ यूजर्स को इंटरनेट सर्विस का विकल्प देते हुए वीएसएनएल ने www, ftp और gopher जैसी सेवाएं यूजर्स को देने का वादा किया था। तब तक एजुकेशन और रिसर्च नेट की ओर से एकेडमिक और रिसर्च ऑर्गनाइजेशंस को ही सर्विस दी जा रही थी।

सभी यूजर्स के लिए इंटरनेट सर्विस लाने वाले वीएसएनएल ने इंटरनेट प्लान्स की जो कीमत तय की थी, उसे यूजर्स की छह कैटिगरी में बांटा गया था। इसमें स्टूडेंट्स, प्रफेशनल्स, कमर्शल, नॉन-कमर्शल, रजिस्टर्ड सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर और सर्विस प्रोवाइडर्स शामिल थे। इन सभी को अलग-अलग कीमत पर अलग-अलग कनेक्शन स्पीड वाले प्लान्स ऑफर किए गए थे। आज की स्पीड से तुलना करें तो ये प्लान किसी मजाक से कम नहीं लगते।

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स्टूडेंट्स के लिए डायल-अप प्लान
अगस्त, 1995 के इंटरनेट रेट चार्ट के मुताबिक, सबसे सस्ता प्लान स्टूडेंट्स के लिए 200 रुपये था लेकिन इसमें 2.4kbps की स्पीड मिलती थी। इस कनेक्शन से 1MB का नॉर्मल साइज वाला फोटो डाउनलोड होने में भी 7 मिनट से ज्यादा का वक्त लगता था। प्रफेशनल्स के लिए इकलौता प्लान 5,000 रुपये का था और इसमें 9.6kbps स्पीड मिलती थी। इसमें 1MB का नॉर्मल फोटो डाउनलोड होने में करीब 2 मिनट लगते थे। दोनों ही कनेक्शन डायल-अप पर मिलते थे और साल में केवल 250 मिनट ही यूजर्स को दिए जाते थे।

सबसे पहले इंटरनेट प्लान्स

सबसे पहले इंटरनेट प्लान्स


2,40,000 रुपये से शुरू प्लान

फिक्स्ड कनेक्शन की बात करें तो सबसे सस्ता प्लान नॉन-कमर्शल यूजर्स के लिए 2,40,000 रुपये कीमत का था और इसमें 9.6kbps की स्पीड मिलती थी। इसके अलावा सबसे महंगा प्लान सर्विस प्रोवाइडर्स को 30 लाख रुपये का ऑफर किया जा रहा था, जिसमें 128kbps की स्पीड मिलती थी। इसी के बीच की रेंज में बाकी कनेक्शन दिए जा रहे थे, जो 9.6kbps, 64kbps और 128kbps स्पीड के साथ आते थे। इन कनेक्शन के लिए यूजर्स को बैंडविद चार्ज देना होता था।

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अब 300 गुना ज्यादा तेज स्पीड
आज 100 रुपये से कम कीमत में यूजर्स को डेली 1 जीबी डेटा देने वाले प्लान मिल जाते हैं, ऐसे में 25 साल का सफर भारत को इंटरनेट की दुनिया के सबसे बड़े यूजरबेस में शामिल कर चुका है। आज भारत की एवरेज इंटरनेट स्पीड करीब 812.5kbps मिल रही है। जो 25 साल पहले एवरेज यूजर्स को मिलने वाली डायल-अप स्पीड के 300 गुना से ज्यादा तेज है। इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स का यूजरबेस पिछले कुछ साल में तेजी से बढ़ा है, साथ ही 5G भी भारत में नए इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आने की तैयारी कर रहा है।

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