Home Sport एनसीए के फीजियो को आईपीएल में नहीं चाहती हैं फ्रैंचाइजियां

एनसीए के फीजियो को आईपीएल में नहीं चाहती हैं फ्रैंचाइजियां

Edited By Arun Kumar | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated:

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के. श्रीनिवास राव, मुंबई

बीसीसीआई (BCCI) चाहता है यूएई में शुरू होने जा रही टी20 लीग (IPL 2020) में भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस पर निगरानी रखने के लिए नैशनल क्रिकेट अकैडमी (NCA) के फीजियो अशोक कौशिक (Ashok Kaushik) को भेजा जाए। लेकिन आईपीएल टीमें बोर्ड के इस फैसले से खुश नहीं हैं और वह नहीं चाहतीं कि टूर्नमेंट के दौरान एनसीए फीजियो खिलाड़ियों की फिटनेस की निगरानी यूएई आकर करें।

बोर्ड ने आईपीएल के बाद आगामी ऑस्ट्रेलियाई दौरे को ध्यान में रखकर यह योजना बनाई है। क्योंकि आईपीएल के तुरंत बाद ही टीम इंडिया को 4 टेस्ट मैच की सीरीज खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया रवाना होना है। देश में मार्च से ही क्रिकेट गतिविधियों पर रोक लगी हुई है। ऐसे में खिलाड़ी 5 महीने लंबे ब्रेक के बाद क्रिकेट शुरू करेंगे। इस लंबे ब्रेक के चलते खिलाड़ियों को फिटनेस संबंधी चुनौतियों का सामना कर पड़ सकता है। इसलिए बीसीसीआई सेंट्रल फीजियो को वहां भेजना चाहता है।

इस बीच फ्रैंचाइजियों का कहना है कि वे नहीं चाहतीं कि कोई ‘बाहरी’ (यानी जो व्यक्ति टीम का हिस्सा नहीं है) वह टीम से जुड़े। फ्रैंचाइजियों का कहना है कि इससे बायो-सिक्यॉर बबल (Bio-Scecure Bubbble) भी प्रभावित होगा। क्योंकि एनसीए फीजियो टूर्नमेंट के दौरान सभी टीमों से जुड़ेंगे और खिलाड़ियों से बात करेंगे।

फ्रैंचाइजियों का तर्क है कि यदि यह माना जा रहा है कि सभी आईपीएल टीमों को कड़े बायो-सिक्यॉरिटी बबल में रहना है, तो जब कोई बबल का हिस्सा नहीं होगा और वह खिलाड़ियों से बात करेगा, तो यह कैसे संभव होगा? फ्रैंचाइजियां चाहती हैं कि एनसीए को खिलाड़ियों को ट्रैक ही करना है, तो वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऐसा कर सकती हैं।

इसके अलावा फ्रैंचाइजियों ने भी दुनिया भर से बेहतरीन फीजियो को अपनी टीम में सेवाएं देने के लिए चुना है। एनसीए के लोग खिलाड़ियों और फ्रैंचाइजियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ सकते हैं। इस सब प्रक्रिया पर जो नजर रख रहे हैं उन्होंने कुछ उदाहरण देते हुए इस ओर भी इशारा किया कि वैसे भी खिलाड़ियों और एनसीए में आपसी विश्वास की कमी है।

उन्होंने कहा, ‘भुवनेश्वर कुमार के हर्निया की पहचान ही नहीं हो पाई। केदार जाधव की वापसी भी फौरी थी। ऋद्धिमान साहा का रिहैबलीटेशन ‘बुरी तरह बिगड़’ गया था। हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह का भी अनुभव एनसीए में अच्छा नहीं रहा। ऐसे में यहां कौन चांस लेना चाहेगा।’

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