Home Sport गोवा फुटबॉल में मैच फिक्सिंग से सनसनी, जांच के आदेश

गोवा फुटबॉल में मैच फिक्सिंग से सनसनी, जांच के आदेश

Edited By Bharat Malhotra | टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated:

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मार्कस एम. ,पणजी

गोवा में फुटबॉल के मैदानों से दूर जहां कोई प्रसारण भी नहीं हो रहा, एक और खेल खेला जा रहा है। यह खेल कथित रूप से मैच-फिक्सिंग का। राज्य में खेल के 100 साल से भी अधिक पुरानी रिवायत पर अब सवाल उठने लगे हैं। असल में गोवा प्रफेशनल लीग को संदेहास्पद माना जा रहा। शक है कि इसमें. ‘संदेहास्पद सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग‘ हो सकती है।

इन मैचों में निचले-दर्जे की टीमों ने ऐसे क्लब्स के साथ मैच खेले जो काफी जाने-माने थे। इन क्लब्स से वे खिलाड़ी भी निकले हैं जिन्होंने भारत के लिए भी खेला है।

लंदन की एक कंपनी स्पोट्सरेडार जो सट्टेबाजी की घटनाओं, मूवमेंट और पैटर्न पर दुनियाभर में नजर रखती है, ने गोवा लीग के पिछले सीजन के छह मैचों पर सवाल उठाया है। फीफा इस कंपनी के ग्राहकों में शामिल है।

स्पोर्टसरेडार ने इन संदेहापस्द गतिविधियों को एक खास फ्रॉड डिटेक्टशन सिस्टम के जरिए पकड़ा है। उसने एशियन फुटबॉल कॉन्फडरेशन (AFC) को इस बात की जानकारी भी दी है, जिसने आगे ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) को इससे अवगत करवा दिया है।

AIFF के अधिकारी जावेद सिराज, जो पूर्व सीबीआई अधिकारी हैं, ने गोवा फुटबॉल असोसिएशन से 16 अक्टूबर 2019 से लेकर 19 नवंबर 2019 के बीच खेले गए इन मैचों के बारे में सफाई मांगी है। सिराज ने लिखा है, ‘पहली नजर में रिपोर्ट में ऐसा लगता है कि जिनका मैचों का जिक्र इसमें किया गया है वे फिक्स थे।’

गार्डियन ऐंजल क्लब, जो संदेहास्पद छह मैचों में से तीन में शामिल है, ने अपने क्लब के मैच-फिक्सिंग में लिप्त होने की बात को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि क्लब पर उंगली उठाने से पहले रेफरी की भूमिका पर भी सवाल होने चाहिए।

क्लब के सचिव जोंसी फर्नांडिस ने कहा, ‘हमने रेफरियों के बारे में कई बार शिकायत की। वे हमेशा बड़े क्लब्स का पक्ष लेते हैं। कई खराब फैसले लिए गए, खास तौर पर ऑफसाइड को लेकर AIFF को सभी मैच रिकॉर्ड करके खुद ब खुद देखने चाहिए। ‘

उन्होंने कहा, ‘कई टीमों लेकर अफवाहें हैं। मुझे नहीं पता कि इसमें कौन शामिल है। लेकिन गार्डियन ऐंजल के साथ ये सब नहीं हो सकता। मैं अपने कोच, खिलाड़ियों और मैनेजमेंट को अच्छी तरह जानता हूं। अगर कोई भी इसमें लिप्त पाया जाता है तो कड़ी कार्रवाही होगी।’

लेकिन कॉलंगुट असोसिएशन के अध्यक्ष एलिरियो लोबो को ‘कुछ गड़बड़’ नजर आती है। उन्होंने कहा, ‘शुरुआत में मैंने सोचा कि मैच फिक्सिंग को लेकर लगाए जा रहे आरोप गलत हैं लेकिन बाद में पता चला कि कुछ गड़बड़ है।’

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