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Exclusive: ‘उड़ान’ फेम रजत बरमेचा बोले- मुझे रणवीर सिंह से बेहद नफरत हो गई थी

Rajat Barmecha Exclusive: इसलिए होती थी रणवीर सिंह से जलनRajat Barmecha Exclusive: इसलिए होती थी रणवीर सिंह से जलन

बॉलिवुड अभिनेता रजत बरमेचा ने नवभारतटाइम्स डॉट कॉम से हुई Exclusive लाइव बातचीत में बताया कि ठीक साल 2010 जुलाई महीने में उनकी फिल्म ‘उड़ान’ रिलीज़ हुई थी। जुलाई से लेकर दिसंबर तक देश-दुनिया में उनकी फिल्म की जमकर तारीफ हुई, लेकिन साल के अंतिम महीने में रणवीर सिंह की फिल्म बैंड बाजा बारात रिलीज़ हो गई और यहीं पर मामला बिगड़ गया। इस बातचीत में, रजत ने बड़ी ही इमानदारी से सभी सवालों के जवाब दिए।

‘उड़ान’ ब्रिलियंट शुरुआत थी, लेकिन मुझे काम नहीं मिल रहा था

रजत बताते हैं, ’10 साल पहले मैं मात्र 21 साल का था, पहली फिल्म उड़ान के बाद, मुझे जो सफलता और शोहरत दुनिया भर में मिली, वह सचमुच मेरी ब्रिलियंट शुरुआत थी। दुनिया भर के कई फिल्म महोत्सवों में हमारी फिल्म की स्क्रीनिंग हुई और दर्जनों अवॉर्ड्स भी मिले। बस एक बात की कमी थी कि उस समय मुझे फिर से कोई अच्छा काम नहीं मिल रहा था।’

Rajat Barmecha Exclusive: इसलिए उभरते हुए सितारों को काम नहीं मिलताRajat Barmecha Exclusive: इसलिए उभरते हुए सितारों को काम नहीं मिलता

35 साल के सुपरस्टार्स ही 21 साल के लड़के का रोल कर रहे थे

‘मेरे 21 साल ऐज के हिसाब से कुछ कहानियां आती भी तो उनमें भी बॉलिवुड के बड़े स्टार्स जो 35 साल के थे, वह ही 21 साल के लड़के की भूमिका निभा रहे थे। मैं यह अच्छी तरह समझता हूं कि एक निर्माता के लिए फिल्म बनाना बिजनस है, क्योंकि जब भी किसी फिल्म से किसी सुपरस्टार का नाम जुड़ता है तो फिल्मों में लगा पैसा वापस आता है। वैसे इस बात के लिए मुझे किसी से कोई शिकायत भी नहीं है। बहुत कम प्रड्यूसर्स होते हैं, जिनके लिए फिल्म बनाना आर्ट होता है। वैसे आज 2020 में चीजें बदल रही हैं, 2010 में बहुत मुश्किल होती थी।’

काम को लेकर कभी कोई मेंटली प्रेशर भी नहीं रहा

‘मुझे फिल्मों में काम कर पैसे कमाने का प्रेशर कभी भी घर की ओर से नहीं था। परिवार और दोस्त बहुत सपॉर्ट करते थे, मुझे कभी भी दोस्तों ने यह नहीं कहा कि उड़ान जैसी फिल्म करने के बाद अब क्या कर रहा है। मुझे काम को लेकर कभी कोई मेंटली प्रेशर भी नहीं रहा। मुझे फिल्मों से बड़ा प्यार था।’

इतनी सराहना के बाउजूद भी मुझे काम क्यों नहीं मिल रहा था?

‘मेरी फिल्म 2010 में आई तो लोग कह रहे थे कि कितना खूबसूरत ऐक्टर है, कितनी सुंदर उनकी आंखें हैं, ऐक्टर का चेहरा बहुत सुंदर है, 21 साल की उम्र में बिहार खूबसूरती के साथ परफॉर्म किया है और क्या बढियां एक्सप्रेशंस हैं, जैसी तमाम बातें। इतनी सराहना और सम्मान के बाउजूद भी मुझे काम क्यों नहीं मिल रहा था?’

मैं बेस्ट ऐक्टर क्यों नहीं था?

‘जब सब कुछ मेरे अंदर अच्छा है तो काम क्यों नहीं मिल रहा था? मुझे भी 21 साल की उम्र में फेम पैसा सब मिल गया था और पाने की चाहत भी बढ़ गई थी। उस समय यह बात बहुत खलती थी कि जब दुनिया भर में लोग उड़ान को सबसे अच्छी फिल्म कह रहे थे, फिल्म के निर्देशक विक्रमादित्य को बेस्ट डायरेक्टर का सम्मान मिल रहा था तो मैं बेस्ट ऐक्टर क्यों नहीं था?’

कोई दूसरा ऐक्टर आगे बढ़ता, उसे अच्छी फिल्म मिलती तो मुझे बड़ी जलन होती थी

‘मैं फिल्म के हर फ्रेम में हूं और आप मुझे बेस्ट ऐक्टर नहीं मानते हैं। यह बात मुझे बहुत परेशान करती थी, ऐसे में जब मेरे साथ आया कोई दूसरा ऐक्टर मेरे सामने से आगे बढ़ता और उसे अच्छी फिल्म मिलती तो मुझे बड़ी जलन होती थी, वह ऐक्टर मुझे पसंद आना काम हो जाता था। मैं कहता कि वह ऐक्टर ही अच्छा नहीं लगता है मुझे। साल 2013 से 2015 तक, यह सारे इमोशंस मेरे अंदर थे।’

ट्रैवलिंग और स्प्रिचुअल किताबों के बाद मेरा नजरिया बदला

‘बाद में कई साल बीतने के बाद मेरा नजरिया बदला, क्योंकि मैंने ट्रैवलिंग करना शुरू किया और मेरे अंदर बड़ा बदलाव हुआ। ट्रैवलिंग के दौरान तमाम लोगों से मिला, खूब स्प्रिचुअल किताबें पढ़ीं और अब लोगों के लिए उस तरह की नेगेटिविटी नहीं है। आज ऐसा हो गया है कि किसी के लिए कोई नकरात्मक भावना आई भी तो कुछ समय में खत्म भी हो जाती है, लेकिन उस समय किसी भी चीज और लोगों के लिए बहुत नेगेटिविटी वाली बातें सोचने लगता था। मैंने कभी यह नहीं सोचा की अब आगे क्या होगा? मेरी पर्सनैलिटी ही ज्यादा सोचने की नहीं है।’

अमिताभ बच्चन ने ब्लॉग लिख, मेरी ऐक्टिंग की तारीफ की थी

‘मुझे किसी से भी जलन इसलिए नहीं होती थी कि सामने वाले ऐक्टर को बेस्ट ऐक्टर का अवॉर्ड कैसे मिल गया, मुझे तकलीफ इस बात से ज्यादा होती कि मुझे क्यों नहीं मिला। यह वह समय था, जब अमिताभ बच्चन जैसे सदी के महानायक मेरे बारे में ब्लॉग लिखते हुए, मेरी ऐक्टिंग की तारीफ कर रहे थे और मेरा हौसला बढ़ा रहे थे। मैंने कोई ऐक्टिंग की क्लास तो की नहीं की थी, मुझे कुछ पता भी नहीं था। जब सबने तारीफ की, तो लगा मुझे ऐक्टिंग आती है।’

इस सवाल का जवाब भी बड़ी इमानदारी से दूंगा कि मुझे किस ऐक्टर से नफरत थी

‘मैंने खुद की तुलना कभी शाहरुख खान से नहीं की, शाहरुख साहब ने तीन दशक से ज्यादा का समय बॉलिवुड में दिया है, उनकी मेहनत और ऐक्टिंग का मुरीद हूं मैं, लेकिन जिन ऐक्टर्स का डेब्यू उस साल मेरे साथ हुआ था, उनके बारे में जरूर सोचता था। जैसे कि मैंने आपको कहा है कि मैं किसी भी चीज के लिए बड़ा इमानदार हूं तो आपके इस सवाल का जवाब भी बड़ी इमानदारी से दूंगा कि मुझे किस ऐक्टर से उन दिनों नफरत होने लगी थी।’

जुलाई से दिसंबर तक लोग कहते रहे कि रजत बरमेचा को डेब्यू अवॉर्ड मिलेगा

‘अगर 5 साल पहले आप मुझे किसी का नाम पूछते तो मैं कतई आपको किसी भी ऐक्टर का नाम कभी भी नहीं बताता, लेकिन आज वह बातें मायने नहीं रखती हैं, वह सब सोच और बातें मेरा बचपना था। साल 2010 में जुलाई के महीने ने मेरी फिल्म उड़ान रिलीज़ हुई थी और इसी साल दिसंबर में ऐक्टर रणवीर सिंह की फिल्म बैंड बाजा बरात भी रिलीज़ हुई थी। रणवीर सिंह और मैं एक ही साल में फिल्मों में आए थे। जुलाई से दिसंबर तक सभी लोग कहते रहे कि रजत बरमेचा को इस साल का डेब्यू अवॉर्ड मिलेगा।’

सिर्फ एक अवॉर्ड, रणवीर और मुझे एक साथ बेस्ट का मिला

‘रणवीर सिंह और मुझे जानने वाले कुछ कॉमन दोस्त थे, जो रणवीर को मेरे बारे में बताते थे कि फिल्म उड़ान में रजत बरमेचा ने कमाल का काम किया है, वह लड़का सभी के लिए टफ कॉम्पिटिशन होगा। शुरू-शुरू में अवॉर्ड मिलने का एक अलग उत्साह होता है, जो सबको होता है, लेकिन उस साल के सभी डेब्यू वाले अवॉर्ड रणवीर सिंह को मिले। सिर्फ एक अवॉर्ड फंक्शन में रणवीर और मुझे एक साथ बेस्ट डेब्यू का अवॉर्ड मिला था, तब रणवीर स्टेज पर नीचे रुक गए और मुझे रास्ता देते हुए इशारे से कहा कि फाइनली तेरा टाइम आ गया है, तुम पहले स्टेज पर जाओ।’

आज वह नफरत और जलन बेवकूफी लगती है

‘अब इसके बाद कई सालों तक लगातार मैं रणवीर सिंह से बहुत ज्यादा नफरत करता था, यह जो नफरत मुझे रणवीर से थी, उसमें यह सोच थी कि अगर सारे डेब्यू अवॉर्ड मुझे मिले होते तो आज मुझे अच्छी-अच्छी फिल्में मिल रही होतीं। रणवीर से मेरी उस नफरत में बचपना था, आज जब उस नफरत और जलन के बारे में सोचता हूं तो बहुत ही बेवकूफ वाली बात लगती है मुझे।’

रणवीर में एक अलग तरह की एनर्जी कूट-कूट कर भरी है

‘खैर उसके बाद मैं कई बार रणवीर से मिला, रणवीर में एक अलग तरह की एनर्जी कूट-कूट कर भरी है। आज जब मैं 31 साल का हो गया हूं, यह बात अच्छी तरह जानता हूं कि कोई इंसान किसी भी मुकाम पर पहुंचता है तो उसने कुछ तो सही काम किया होगा, वरना सिर्फ लक के बल बूते पर कोई इतनी ऊंचाई पर नहीं पहुंचता, कड़ी मेहनत की अपनी अलग बात होती है।’

लेकिन उस पॉइंट पर रणवीर सिंह से मुझे बड़ी नफरत होती थी

‘2015 से 2020 तक मैंने इन चीजों को बहुत समझा हूं, लेकिन उस पॉइंट पर रणवीर सिंह से मुझे बड़ी नफरत होती थी, जब हम हर अवॉर्ड फंक्शन, हर पार्टी में साथ होते थे, इन सब के बावजूद नेगेटिव इमोशंस मुझ पर हावी होने लग गए थे, जो बाद में खत्म हो गया। मुझे हमेशा से यह बात अच्छी तरह पता थी कि रणवीर सिंह ब्रिलियंट फिनॉमिनल ऐक्टर हैं। उन्होंने फिल्म बैंड बाजा बारात में दिल्ली वाले लड़के की ऐक्टिंग ऐसे की थी, जैसे वह खुद दिल्ली के हैं, जबकि वह मुंबई का लड़का है।’

कोई रणवीर की तारीफ या करता तो मैं चुप हो जाता था

‘जब भी कभी मैं दोस्तों के साथ बैठा होता और ग्रुप कोई रणवीर की तारीफ या करता तो मैं चुप हो जाता था, मैं अपनी ओर से कोई 10 बातें शामिल कर तारीफ को आगे नहीं बढ़ाता था। भले मैंने रणवीर से कई सालों तक मन ही मन में नफरत की हो, लेकिन मैंने कभी भी दिल से उनका बुरा नहीं चाहा था, मुझे सिर्फ इस बात की शिकायत थी कि डेब्यू अवॉर्ड मुझे क्यों नहीं मिले।’

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