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संस्कृति की रीढ़ देशी गाय के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गौदर्शन गौशाला की पहल सराहनीय- आशा शर्मा – Bhilwara News Rajasthan India Hindi News

संस्कृति की रीढ़ देशी गाय के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गौदर्शन गौशाला की पहल सराहनीय- आशा शर्मा
भीलवाड़ा डेयरी एमडी आशा शर्मा ने नवग्रह आश्रम गौदर्शन गौशाला का किया अवलोकन
शाहपुरा -(मूलचन्द पेसवानी)
भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ भीलवाड़ा डेयरी की प्रबंध सचालक आशा शर्मा ने आज मोतीबोर का खेड़ा स्थित श्रीनवग्रह आश्रम में संचालित देशी नस्लों की गौदर्शन गौशाला का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम के संस्थापक हंसराज चोधरी व गौशाला प्रबंधक महिपाल चोधरी से देशी गायों की नस्लों, उनके रखरखाव, गौउत्पाद सहित अन्य बिंदूओं पर विस्तार से विचार विमर्श किया।
डेयरी एमडी आशा शर्मा ने कहा कि नवग्रह आश्रम गौदर्शन गौशाला में देशी गौवंश के गौसंवर्धन से जिले ही नहीं प्रदेश के पशुपालक भी प्रेरणा लेगें। उन्होंने कहा कि एक ही आत्मनिर्भर गौशाला प्रदेश में यही दिखती है जहां आज 14 नस्लों की देशी गायें है। इस प्रकार के गौसंवधर्न से प्रदेश के पशुपालक प्रेरणा ले सकेगें। उन्होंने कहा कि आज देश में जरूरत भी इसी बात की है कि अधिकाघिक तादाद में देशी नस्लों की गायों का संवर्धन किया जा सके।
एमडी शर्मा ने कहा कि गाय का दूध पृथ्वी पर सर्वाेत्तम आहार है। उसे मृत्युलोक का अमृत कहा गया है। मनुष्य की शक्ति एवं बल को बढ़ाने वाला गाय का दूध जैसा दूसरा कोई श्रेष्ठ पदार्थ इस त्रिलोकी में नहीं है। केवल गाय के दूध में ही विटामिन ए होता है, किसी अन्य पशु के दूध में नहीं। भारतीय संस्कृति में गाय का बेहद उच्च स्थान है। इसे कामधेनु कहा गया है। इसका दूध बच्चों के लिए बेहद पौष्टिक माना गया है और बुद्धि के विकास में कारगर भी। देसी नस्ल की गाय का दूध ही सबसे ज्यादा महत्चपूर्ण है। गाय के दूध में स्वर्ण तत्व होता है जो शरीर के लिए काफी शक्तिदायक और आसानी से पचने वाला होता है।
डेयरी एमडी आशा शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति की रीढ़ देशी गाय के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भीलवाड़ा डेयरी भी कई आदर्श गो फार्म स्थापित करने जा रही है। गाय केवल नारों से नहीं बचेगी, उसे संतुलित आहार दिया जाए और गाय के दूध को लाभकारी व्यवसाय बनाया जाए ताकि गोवंश को बचाया जा सके। गो आधारित आजीविका से गांव के युवा भी आईएएस की तनख्वाह जितना प्रतिमाह कमा सकते हैं और इसके लिए भीलवाड़ा डेयरी हरसंभव मदद के लिए तैयार है।
डेयरी एमडी आशा शर्मा ने कहा कि भीलवाडा दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि0 द्वारा अब ग्राहकों को हल्दी, केसर एवं तुलसी युक्त दुग्ध भी उपलब्ध कराया जा रहा है जो कोरोना महामारी से निपटने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने तथा लोगों की इम्युनिटी डपलप करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि भीलवाडा डेयरी द्वारा जिले में 70 आदर्श डेयरी स्थापित की गई है, जो अच्छा काम कर रही है तथा उनसे प्रेरित होकर ग्रामीणजन पशुपालन की ओर उन्मुख हो रहे हैं। कोरोना महामारी के कारण अन्य राज्यों से पलायन कर जिले में आये लोगों के लिये भी डेयरी नये अवसर उपलब्ध करा रही है।
आश्रम के अवलोकन के दौरान संचालक हंसराज चोधरी ने डेयरी एमडी को बताया कि वर्तमान में 14 नस्लों की करीब 120 देशी गायें गौशाला में है। इस वर्ष प्रयास करके देशी के हर भाग की देशी नस्ल की गाय को गौशाला में लाया जायेगा। गौसंवर्धन के लिए सभी वैज्ञानिक व परंपरागत तरीकों से विकसित करने का प्रयास किया जायेगा। वर्तमान में भी गायों को पोष्टिक आहार देने के कारण दुग्ध व दुग्ध से तैयार घी की जो गुणवत्ता आ रही है वो काबिले तारीफ है।
शुरूआत में प्रांत प्रचारक का आश्रम पहुंचने पर आश्रम संचालक हंसराज चोधरी ने स्वागत किया तथा आश्रम का साहित्य भेंट किया। गोशाला प्रबंधक महिपाल चोधरी ने गौशाला की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

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