Home भीलवाड़ा मांडलगढ़ एआईआरएफ महामंत्री की सीआरबी से मुलाकात smarthalchal.com

एआईआरएफ महामंत्री की सीआरबी से मुलाकात smarthalchal.com

एआईआरएफ महामंत्री की सीआरबी से मुलाकात
ट्रेनों का संचालन प्राईवेट आँपरेटर को देना गलत : शिवगोपाल मिश्रा

सीताराम गर्ग
गंगापुर सिटी, 6 जुलाई । रेलकर्मचारियों की तमाम समस्याओं को लेकर आँल इंडिया रेलवे मेन्स फैडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने आज रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद यादव से मुलाकात की और कहाकि सरकार को ट्रेनों को प्राईवेट आँपरेटर को देने के साथ ही बेवजह तमाम पोस्ट को सिरेंडर किए जाने के आदेश को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। इस बीच सूत्रों से पता चला है कि रायबरेली के माडर्न कोच फैक्टरी को निजी हांथों में देने के बजाए सरकारी क्षेत्र में रखते हुए इसका विस्तार किया जाएगा।
महामंत्री और चेयरमैन रेलवे बोर्ड की लगभग घंटे भर चली बैठक में महामंत्री ने कहाकि विपरीत हालातों में भी ट्रेनों का कुशलतापूर्वक संचालन कर रेलकर्मचारियों ने साबित किया है कि वो हर हाल में मेहनत से काम कर सकते हैं। कोरोना में जब पूरा देश लाँक हो गया, उस समय भी बड़ी संख्या में मालगाडी और पार्सल ट्रेनों का संचालन कर देश भर में आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने दिया। इतना ही नहीं जब तमाम राज्य सरकारें प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में नाकाम रही तो रेलकर्मियों ने ही श्रमिक ट्रेनों का संचालन कर उन्हें घर पहुंचाया। यही वजह है कि खुद प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात में रेलकर्मचारियों को फ्रंट लाइन करोना वारियर्स बताया।
महामंत्री ने सवाल उठाया कि जब रेल कर्मचारी हर हालात में ट्रेनों का संचालन करने में सक्षम हैं तो आखिर प्राईवेट आँपरेटरों को ट्रेनों के संचालन के लिए आमंत्रित क्यों किया जा रहा है ? महामंत्री ने कहाकि मुश्किल घड़ी में तेजस चलाने वाले प्राईवेट आँपरेटर आखिर क्या कर रहे थे । महामंत्री ने चेयरमैन रेलवे बोर्ड से कहाकि जिस आईआरसीटीसी ने ट्रेन चलाने का जिम्मा लिया, उसकी हालत ये है कि हमारी स्पेशल ट्रेनों की टिकट बेच रही है। इन हालातों में ट्रेनों का संचालन प्राईवेट आँपरेटरों को कत्तई नहीं दिया जाना चाहिए, एआईआरएफ इसके सख्त खिलाफ है।
इसी तरह रोजाना अखबारों में खबर आ रही है कि बड़ी संख्या में पोस्ट सिरेंडर किए जा रहे हैं। इस मामले में बोर्ड ने भी एक आदेश जारी किया है। महामंत्री ने कहाकि पोस्ट का क्रियेशन तमाम अध्ययन और स्टेटिक्स के आधार पर किया जाता है, ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, आज तमाम कर्मचारियों पर काम का बोझ है, इसके बाद नई तैनाती करने के बजाए पोस्ट सिरेंडर करने की बात हो रही है, जबकि इसका कोई आधार नहीं है।
बहरहाल काफी देर तक चली इस मुलाकात के बाद तय हुआ कि गुरुवार यानि 9 जुलाई को इस मामले में बोर्ड में एक विशेष बैठक होगी, जिसमें सभी मुद्दों पर विचार किया जाएगा। सीआरबी ने फिर दोहराया कि किसी भी मामले में अंतिम फैसला लेने के पहले फैडरेशन से जरूर बात की जाएगी।
इस बीच सूत्रों से पता चला है कि रायबरेली कोच फैक्टरी के निजीकरण की योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब रेल मंत्रालय चाहता है कि इस माडर्न कोच फैक्टरी का सरकारी क्षेत्र में रहते हुए ही विस्तार किया जाए, इसकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाए जाने का भी विचार हो रहा है , ताकि यहां से बने कोच का निर्यात संभव हो सके।

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

जंग बन गए हैं चुनाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में एक रैली को संबोधित करते हुए संकेत दिया कि मार्च के पहले हफ्ते में चुनाव आयोग वहां चुनाव...

भारत-चीनः सुधर रहे हैं हालात

राहत की बात है कि भारत-चीन सीमा पर आमने-सामने तैनात टुकड़ियों की वापसी को लेकर शुरुआती सहमति बनने के बाद एलएसी पर तनाव में...

ग्रीनकार्ड की गुंजाइश

बाइडन प्रशासन की ओर से पिछले हफ्ते अमेरिकी संसद में पेश किया गया नागरिकता बिल 2021 इस बात की एक और स्पष्ट घोषणा है...

ऑक्शन के पीछे

आईपीएल 14वें सीजन का ऑक्शन भी कई नए रेकॉर्ड बनाकर संपन्न हुआ। हालांकि कोरोना के साये में यूएई में खेले गए 13वें सीजन के...

Recent Comments